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खौफनाक खुलासा: शराब की महफिल में रची गई थी रीवा के मनगवा गोलिकांड की साजिश, पड़ोसी ही निकला ‘आस्तीन का सांप’!

तेज खबर 24 रीवा।

मध्य प्रदेश के रीवा से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मनगवां कस्बे के बहुचर्चित गोलीकांड का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने जिस सच को सामने लाया है, उसे सुनकर हर कोई दंग है।

जिस पड़ोसी पर व्यापारी संदीप गुप्ता भरोसा करते थे, वही उनकी जान का सबसे बड़ा दुश्मन निकला। पुलिस ने मास्टरमाइंड पड़ोसी मोंटी गुप्ता और गोली चलाने वाले दो नाबालिग शूटरों को धर दबोचा है।

डेढ़ साल से सुलग रही थी बदले की आग…

यह पूरी कहानी किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है। आरोपी मोंटी गुप्ता और पीड़ित व्यापारी संदीप गुप्ता के बीच करीब डेढ़ साल पहले एक विवाद हुआ था। संदीप गुप्ता को अंदाजा भी नहीं था कि मोंटी इस बात को दिल से लगाकर बैठा है। मोंटी पिछले डेढ़ साल से सिर्फ एक मौके की तलाश में था कि कब वो संदीप से अपना पुराना हिसाब चुकता करे।

शराब, साज़िश और 10 दिनों की रेकी…

बदले की इस आग को अंजाम देने के लिए मोंटी ने एक खौफनाक रास्ता चुना। उसने अपने दो नाबालिग दोस्तों को जाल में फंसाया। शराब की एक महफिल जमी, जाम छलके और उसी नशे के बीच रची गई व्यापारी की मौत की पटकथा। मोंटी ने नाबालिगों को उकसाया और हत्या के लिए तैयार कर लिया। इसके बाद शुरू हुआ खूनी खेल का दूसरा हिस्सा—रेकी। पूरे 10 दिनों तक आरोपियों ने व्यापारी संदीप गुप्ता के उठने, बैठने, आने और जाने के हर पल की निगरानी की।

पल-पल की मुखबिरी और चेहरे पर दागी गोली…

बीती 28 जुलाई 2026 की रात को वो खौफनाक मोड़ आया। मोंटी गुप्ता खुद संदीप के घर के पास नजरें गड़ाए बैठा था। जैसे ही संदीप गुप्ता अपने घर से बाहर निकले, मोंटी ने तुरंत फोन घुमाकर अपने नाबालिग साथियों को सिग्नल दे दिया—”शिकार बाहर आ चुका है।” पलक झपकते ही बाइक पर सवार दो नकाबपोश नाबालिग शूटर वहां पहुंचे। इससे पहले कि संदीप कुछ समझ पाते, नाबालिगों ने ट्रिगर दबा दिया। गोली सीधे संदीप के चेहरे पर लगी और वे लहूलुहान होकर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देकर शूटर हवा की तरह गायब हो गए।

साइबर सेल के एक ‘क्लू’ ने बिगाड़ा खेल…

वारदात के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। रीवा एसपी के निर्देश पर थाना प्रभारी पुष्पेंद्र मिश्रा और साइबर सेल की टीम ने दिन-रात एक कर दिया। आखिरकार, डिजिटल सबूतों और साइबर सेल की मदद से पुलिस के हाथ एक ऐसा सुराग लगा, जिसने आरोपियों के बचने के सारे रास्ते बंद कर दिए। पुलिस ने पहले एक नाबालिग को उठाया, जिसने पुलिसिया पूछताछ के सामने घुटने टेक दिए और पूरी साजिश का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी मोंटी गुप्ता समेत तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और उनके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल भी जब्त कर ली है।

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