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मध्य प्रदेश के व्यापारियों और आम जनता के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने राज्य में आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब मध्य प्रदेश में दुकानें, होटल, रेस्टोरेंट, मॉल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान 24 घंटे खुले रह सकेंगे।राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मोहन सरकार के ‘मध्य प्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता (श्रम शक्ति संहिता), 2026’ को अपनी औपचारिक मंजूरी दे दी है। राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के साथ ही यह कानून पूरे प्रदेश में प्रभावी हो जाएगा।
नाइट लाइफ और नाइट इकोनॉमि को बढ़ावा मिलेगा…
सरकार का मानना है कि इस फैसले से प्रदेश में ‘नाइट लाइफ’ और ‘नाइट इकोनॉमी’ को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल आईटी कंपनियों, कॉल सेंटर्स और शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों को सुविधा होगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी बड़ा बूस्ट मिलेगा। इसके अलावा, 24 घंटे दुकानें संचालित होने से नए शिफ्टों में युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे।
24 घंटे बाजार खोलने के मुख्य नियम और शर्तें
बाजारों को 24 घंटे खुला रखने की छूट के साथ ही सरकार ने कर्मचारियों के हितों और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सख्त नियम भी तय किए हैं।
कर्मचारियों की कार्य अवधि और शिफ्ट सिस्टम अनिवार्य: कोई भी संस्थान एक ही कर्मचारी से 24 घंटे काम नहीं करा सकता। प्रतिष्ठानों को अलग-अलग शिफ्ट में कर्मचारियों की ड्यूटी लगानी होगी।
48 घंटे की साप्ताहिक सीमा: एक कर्मचारी से एक सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे ही काम लिया जा सकेगा।
दैनिक कार्य की सीमा: विशेष परिस्थितियों में भी एक दिन में कार्य अवधि 12 घंटे से अधिक नहीं हो सकती।
ओवरटाइम का भुगतान: तय समय से अतिरिक्त काम कराने पर कर्मचारी की सहमति अनिवार्य होगी और उसे नियमानुसार ओवरटाइम (Double Payment) देना होगा।
महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम, नाइट शिफ्ट की अनुमति: नए कानून के तहत महिलाएं भी रात की शिफ्ट में काम कर सकेंगी।पिक एंड ड्रॉप की जिम्मेदारी: रात में महिला कर्मचारियों को काम पर रखने वाले नियोक्ताओं (Employers) को उनके घर से आने-जाने के लिए सुरक्षित परिवहन (Cab/Vehicle) की व्यवस्था खुद करनी होगी।
सुरक्षा और गरिमा: कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे और पर्याप्त सुरक्षा गार्ड तैनात करने होंगे।
रजिस्ट्रेशन और अन्य कड़े नियमवन-टाइम ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: दुकानदारों को अब हर साल लाइसेंस रिन्यू कराने के चक्कर से मुक्ति मिलेगी। अब सिर्फ एक बार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना ही काफी होगा।
मूल दस्तावेज रखना प्रतिबंधित: कोई भी कंपनी या दुकान मालिक किसी भी कर्मचारी के असली दस्तावेज (Original Documents) अपने पास जमा नहीं रख सकता।
सुरक्षा मानक: सभी संस्थानों में अग्निशमन उपकरण (Fire Safety), फर्स्ट एड बॉक्स और आपातकालीन निकास (Emergency Exit) की व्यवस्था होना अनिवार्य है।
शराब की दुकानों पर लागू नहीं होगा नियम:
सरकार ने साफ किया है कि यह छूट केवल सामान्य दुकानों, होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, आईटी पार्क और मॉल्स के लिए है। शराब की दुकानें (Wine Shops) इस दायरे से बाहर रहेंगी। आबकारी नीति के तहत उनके खुलने और बंद होने का समय पहले की तरह ही स्थानीय प्रशासन द्वारा तय किया जाएगा।
किन शहरों से होगी शुरुआत?
सूत्रों के मुताबिक, इस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद सबसे पहले इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े महानगरों के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जा सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे इसे पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा।

