तेज खबर 24 भोपाल।
मध्य प्रदेश सरकार ने मिलावटखोरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में ‘एनालॉग पनीर’ (कृत्रिम पनीर) के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग को इस आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
जानिए क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
त्योहारों के सीजन से ठीक पहले बाजार में भारी मात्रा में नकली और सिंथेटिक पनीर खपाने की खबरें आ रही थीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खाद्य विभाग की समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। शुद्ध दूध उत्पादों को बढ़ावा देने और मिलावट पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए यह बैन लगाया गया है।
क्या होता है एनालॉग पनीर?
एनालॉग पनीर असल में नकली या कृत्रिम पनीर होता है। इसे बनाने में दूध की मलाई या असली दूध का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं होता। इसे पाम ऑयल (वनस्पति तेल), स्टार्च, आलू का पाउडर और मिल्क सॉलिड्स मिलाकर मशीनों से तैयार किया जाता है। यह दिखने और छूने में बिल्कुल असली पनीर जैसा ही लगता है, जिससे आम उपभोक्ता धोखा खा जाते हैं।
सेहत के लिए क्यों है यह ‘जहर’?
डॉक्टरों और खाद्य विशेषज्ञों के मुताबिक एनालॉग पनीर का लगातार सेवन शरीर के लिए बेहद नुकसानदेह है। इसमें इस्तेमाल होने वाला घटिया पाम ऑयल और ट्रांस फैट धमनियों को ब्लॉक कर सकता है। भारी मात्रा में मौजूद स्टार्च और केमिकल्स पाचन तंत्र को पूरी तरह बिगाड़ देते हैं। इस पनीर में प्रोटीन और कैल्शियम की मात्रा न के बराबर होती है, जिससे शरीर को कोई पोषण नहीं मिलता।
असली और नकली (एनालॉग) पनीर की पहचान कैसे करें?
आम जनता बाजार से पनीर खरीदते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें। असली पनीर के मुकाबले एनालॉग पनीर बाजार में लगभग आधी कीमत पर मिलता है। इसलिए बहुत सस्ता पनीर खरीदने से बचें। पैकेज्ड पनीर खरीदते समय पैकेट के पीछे सामग्री जरूर देखें। अगर वहां ‘Vegetable Oil’, ‘Palm Oil’ या ‘Starch’ लिखा है, तो वह एनालॉग पनीर है।असली पनीर को हाथ से मसलने पर वह टूट जाता है, लेकिन एनालॉग पनीर रबर की तरह खिंचता है या स्पंज जैसा महसूस होता है।
सरकार ने साफ किया है कि अब यदि कोई भी डेयरी, होटल या रेस्टोरेंट एनालॉग पनीर का इस्तेमाल करते पाया गया, तो उसका लाइसेंस निरस्त कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

