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रीवा कलेक्टर का फरमान : सीएम हेल्पलाइन की शिकायत को अटेंड ना करने पर 100 से लेकर 2 हजार तक का होगा जुर्माना

लापरवाही बरतने पर कार्यपालन यंत्री एवं संयुक्त संचालक को एक सप्ताह का वेतन राजसात करने दिया कारण बताओ नोटिस
तेज खबर 24 रीवा।

सीएम हेल्पलाइन में आने वाली शिकायतों का सही समय पर निराकरण ना करने और लापरवाही पर रीवा कलेक्टर ने एक्सन लेते हुए बड़ा फरमान जारी किया है। कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए लापरवाही पाए जाने वाले कार्यपालन यंत्री एवं संयुक्त संचालक को एक सप्ताह का वेतन राजसात करने कारण बताओ नोटिस जारी किया है तो वहीं शिकायतों का निराकरण ना करने वालों पर 100 रुपए से लेकर 2 हजार तक जुर्माना लगाने की बात कही है।


दरअसल कलेक्टर मनोज पुष्प ने जिला अधिकारियों द्वारा सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण में बरती जाने वाली लापरवाही को गंभीरता से लिया है और इस पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि कुछ अधिकारियों द्वारा सीएम हेल्पलाइन शिकायतों को देखा तक नहीं जाता इससे शिकायतें बिना निराकरण के अगले लेवल तक पहुंच जाती हैं। उन्होंने कहा है कि जिस प्रकार लोक सेवा गारंटी अधिनियम में समय सीमा में सेवा न देने पर जुर्माने का प्रावधान है ठीक उसी तरह सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को अटेन्ड न करने के कारण एक प्रकरण में 100 रूपये तथा अधिकतम 2 हजार रूपये का जुर्माना लगाया जायेगा।
कलेक्टर ने कहा है कि सभी जिला अधिकारी सुनिश्चित करें कि कोई भी शिकायत बिना अटेन्ड किये अगले स्तर पर न जाय। निचले स्तर पर ही शिकायतों का निराकरण न करने की स्थित में निर्धारित किये गये जुर्माने की कार्यवाही की जायेगी और वसूली गयी राशि जिला रेडक्रास सोसायटी रीवा में जमा करायी जायेगी।

जलसंसाधन विभाग और सांख्यिकी विभाग के अधिकारियों को मिला नोटिस
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण ना करने और लापरवाही बरतने पर जल संसाधन विभाग को डी ग्रेड मिला। कलेक्टर ने विभाग को मिले डी ग्रेड पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यपालन यंत्री मनोज तिवारी को 7 दिवस का वेतन राजसात करने के लिये कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसी तरह से योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग के संयुक्त संचालक राजेश साकेत को भी एक सप्ताह का वेतन राजसात करने तथा सेवा में ब्रोक करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कलेक्टर ने चेतावनी देते हुए कहा कि है इस तरह के लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

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