देशभर में नकली नोटों की ऑनलाइन तस्करी करता है गिरोह, चैटिंग कर लेते थे नोटों का आर्डर
तेज खबर 24 रीवा।
देशभर में नकली नोटों की ऑनलाइन तस्करी करने वाले गिरोह के दो सदस्य रीवा पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। झारखंड से पकड़े गए इन आरोपियों से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। गिरोह के सदस्यों ने बताया कि फेक करेंसी इंडिया नाम की आइडी के जरिए कारोबार होता था। उसी के जरिए वे लोगों से चैटिंग करते और नकली नोटों का ऑर्डर लेते। जो भी उनसे नोट मंगाने के लिए ऑर्डर बुक करताए उससे फर्जी नाम से खोले गए खातों में रुपए ट्रांसफर करवाते और बाद में बताए गए पते पर नकली नोट का पार्सल भेजकर सूचित कर देते थे। पुलिस उनसे पूछताछ कर बड़े नेटवर्क के खुलासे का प्रयास कर रही है। पुलिस ने अभी आरोपियों के नाम का खुलासा नहीं किया है।
ऐसे तस्करों तक पहुंची पुलिस
रीवा की सिविल लाइन पुलिस ने दिसम्बर 2022 में पुराने बस स्टैंड से 37 हजार के नकली नोट पकड़े थे। डिलीवरी लेने आए आरोपी मोहित मिश्रा को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो उसने फेक करेंसी साइड से नकली नोट मंगवाने की जानकारी दी थी। लिहाजा, पुलिस नोटों की डिलीवरी करने वाले इस गिरोह की हिस्ट्री खंगालने लगी थी। करीब चार माह की मशक्कत के बाद कुछ सुराग हाथ लगे। कारोबारियों के नाम सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने गत दिनों टीम गठित कर झारखंड भेजा। पुलिस ने गोपनीय तरीके से यह पूरा ऑपरेशन चलाया और नकली नोट के दो सप्लायर पकड़ लिए।
पुलिस के मुताबिक नोट तस्करी के आरोपी जिस मोबाइल और सिम का इस्तेमाल करते थे वह भी उनके नाम पर नहीं होता था। इनका नेटवर्क पूरे भारत में फैला है। बड़े पैमाने पर नकली नोट की सप्लाई कर चुके हैं। पुलिस टीम हर बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है और आरोपियों द्वारा दी जा रही जानकारी की जांच कर फर्जीवाड़े की परत खोलने का प्रयास कर रही है।
Tezkhabar24.com Sach wahi jo ham dikhaye…