तेज खबर 24 इंदौर।
कहते हैं पढ़ाई करने के लिए कोई उम्र नहीं होती, जरूरत होती है तो इच्छा शक्ति की। कुछ इसी तरह की इच्छा शक्ति रखने वाले 85 साल के सुभाष सुकरे ने इंदौर के देवी अहिल्याबाई यूनिवर्सिटी में एलएलएम (LLM)की पढ़ाई करने के लिए आवेदन पत्र दिया हैं और उन्होंने पढ़ाई के लिए अनुमति मांगी है। बुजुर्ग की इच्छा शक्ति को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें इसके लिए अनुमति भी दे दी है ।
क्लास अटेन्ड करने जाना होगा हर दिन…
जो जानकारी आ रही है उसके तहत बुजुर्ग सुभाष को पढ़ाई करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनुमती तो दे दी है लेकिन उन्हें इसके लिए हर दिन कॉलेज जाना पड़ेगा। बताया जाता है कि एलएलएम की पढ़ाई के लिए प्राइवेट व्यवस्था नहीं है। इसके लिए विद्यार्थी को रेगुलर पढ़ाई करनी पड़ती है। यही वजह है कि बुजुर्ग को इस उम्र में पढ़ाई करने के लिए रेगुलर विश्वविद्यालय जाना पड़ेगा
30 जून को किए थे आवेदन…
85 वर्ष के बुजुर्ग सुभाष ने 30 जून को देवी अहिल्याबाई यूनिवर्सिटी में एलएलएम की पढ़ाई करने के लिए आवेदन दिया था। यूनिवर्सिटी प्रशासन पहले तो उनके आवेदन पत्र और आयु को देखकर भौचक रह गया, लेकिन उनकी इच्छा शक्ति को देखते हुए पढ़ाई करने के लिए अनुमति दे दी। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग ने अनुमति मिलने के बाद अभी अपनी तरफ से संपर्क नहीं किया, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उन्हें अनुमति दी है। वजह है कि बुजुर्ग इस उम्र में रेगुलर यूनिवर्सिटी पढ़ाई के लिए जा पाए या नहीं यही वजह नहीं उन्होंने प्राइवेट पढ़ाई करने के लिए अनुमति मांगी थी। लेकिन एल एल एम की पढ़ाई के लिए प्राइवेट व्यवस्था नहीं है।
1968 में की थी वकालत की पढ़ाई…
आवेदक सुभाष ने 1968 में वकालत की पढ़ाई यानी कि एलएलबी किया था। उसके बाद वह बीमा कंपनी में ऑफिसर हो गए और नौकरी करते रहे। वही उम्र के इस पड़ाव में वे एक बार फिर अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाने के लिए आवेदन किया हैं। अगर वह रेगुलर यूनिवर्सिटी में पड़ाई करने के लिए तैयार होते हैं तो बुजुर्गों के लिए यह किसी मिसाल से काम नहीं माने जाएंगे।
Tezkhabar24.com Sach wahi jo ham dikhaye…