तेज खबर 24 रीवा।
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा से एक ऐसी खौफनाक और सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसने पूरे पुलिस महकमे और आम जनता के होश उड़ा दिए हैं। यहाँ डिजिटल दुनिया के शातिर भेड़ियों ने सिविल लाइन थाना क्षेत्र के एक बेकसूर बुजुर्ग को निशाना बनाया। ठगों ने बुजुर्ग को कोई शारीरिक नुकसान तो नहीं पहुँचाया, लेकिन कानून और जेल का ऐसा खौफ दिखाया कि बुजुर्ग 4 दिनों (96 घंटे) तक अपने ही घर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ (बंधक) बनकर रह गए। बदमाशों ने बुजुर्ग के डर का फायदा उठाकर उनके बैंक खातों से 23 लाख 50 हजार रुपये पार कर दिए।
‘जेल भेज देंगे…’: दिल्ली क्राइम ब्रांच का फर्जी रौब
ठगी का यह ताना-बाना बेहद फिल्मी और डरावने अंदाज में बुना गया था। पीड़ित बुजुर्ग के पास एक अनजान नंबर से फोन आया। सामने वाले ने कड़क आवाज में खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच और देश की बड़ी जांच एजेंसियों का सीनियर ऑफिसर बताया। ठग ने बुजुर्ग पर आरोप मढ़ा कि उनके नाम से कोई बड़ा गैरकानूनी काम हुआ है और उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी होने वाला है। बदनामी और बुढ़ापे में जेल जाने के डर से बुजुर्ग बुरी तरह कांप गए।
96 घंटे तक मौत का साया: पल-पल की निगरानी
बुजुर्ग को पूरी तरह अपने काबू में करने के बाद ठगों ने उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया। पीड़ित को सख्त हिदायत दी गई कि वे व्हाट्सएप या स्काइप वीडियो कॉल चालू रखेंगे और कैमरे के सामने से एक इंच भी नहीं हिलेंगे। यहाँ तक कि उन्हें परिवार के लोगों से बात करने या कमरे से बाहर जाने की भी इजाजत नहीं थी। ठग कैमरे के दूसरी तरफ से बुजुर्ग पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखे हुए थे और लगातार मानसिक टॉर्चर कर रहे थे।
डरा-धमकाकर ऐंठे 23.50 लाख, जब होश आया तो उड़ गए होश
‘केस रफा-दफा’ करने और ‘सरकारी वेरिफिकेशन’ के नाम पर ठगों ने पैसों का खेल शुरू किया। डर के मारे सुध-बुध खो चुके बुजुर्ग ने ठगों के कहे अनुसार अलग-अलग बैंक खातों में किस्तों में कुल 23 लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब बुजुर्ग की पूरी जमा-पूंजी खत्म हो गई, तो ठगों ने वीडियो कॉल काट दिया और गायब हो गए। इसके बाद जब बुजुर्ग इस मायाजाल से बाहर आए, तब उन्हें अहसास हुआ कि वे बहुत बड़ी ठगी के शिकार हो चुके हैं।
एडीशनल एसपी भावना मरावी ने संभाली कमान, टीमें रवाना
इस हाईप्रोफाइल डिजिटल डकैती के बाद रीवा पुलिस अलर्ट मोड पर है। एडिशनल एसपी भावना मरावी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा, “फरियादी की शिकायत पर सिविल लाइन थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। साइबर सेल और पुलिस की स्पेशल टीमें इस फ्रॉड का पता लगाने में जुट गई हैं। जिन खातों में रकम गई है, उन्हें ब्लॉक कराया जा रहा है। जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
“⚠️ ‘डिजिटल अरेस्ट’ से देश को बचाने वाली गाइडलाइन:
रीवा साइबर सेल ने इस घटना के बाद लोगों से अपील की है कि वे इन बातों को गांठ बांध लें की कोई डिजिटल अरेस्ट नहीं होता, देश की कोई भी अदालत, पुलिस, सीबीआई या ईडी वीडियो कॉल पर किसी को अरेस्ट नहीं करती और न ही नजरबंद रखती है। किसी भी तरह के साइबर फ्रॉड का शिकार होने पर बिना एक मिनट गंवाए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
Tezkhabar24.com Sach wahi jo ham dikhaye…